जनजाति क्षेत्र बांसवाड़ा जिले में प्रमुख पर्यटन स्थल एवं उनका सांस्कृतिक महत्व
पर्यटन के प्रति आरंभ से ही मनुष्य की रूचि रही है। इस रूचि के कारण ही लोग पहले लम्बी-लम्बी यात्राएं वर्षों तक किया करते थे। अपने समृद्धशाली व वैविध्यपूर्ण पर्यटन स्थलों के कारण राजस्थान आरंभ से ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। यहां कहीं दूर तक फैला रेत का समन्दर पर्यटकों को मौन आमंत्रण देता है तो कहीं शीतलता का एहसास कराती यहां की झीलें व नदियां स्वतः ही पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। दरअसल जितनी समृद्ध यहां की लोक परम्पराएं व विरासत की वस्तुएं है इतना ही वैभवपूर्ण है यहां के किला व महलों का सौंदर्य। "पधारों म्हारै देश" के आमंत्रण के साथ पर्यटन का विकास तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटन की आधारिक संरचना- राजस्थान में पर्यटन की आधारिक संरचना का अधिकतर कार्य सरकारी क्षेत्र में पर्यटन विभाग द्वारा ही किया हुआ है। ऐसे में पर्यटन प्रबन्ध का समस्त जिम्मा भी राज्य सरकार ही अपने पर ओढ़े हुए है। राज्य में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन तो रियासत काल से ही प्रारम्भ हो गया था परन्तु व्यवस्थित रूप से पर्यटन का विकास वर्ष 1955 में राज्य में पर्यटन-व...