आदिवासी युवाओं में वैश्वीकरण एवं आधुनिकता का प्रभाव
सार (Abstract) - वैश्वीकरण और आधुनिकता ने भारतीय समाज की संरचना को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। इसका प्रभाव आदिवासी समाज, विशेषकर आदिवासी युवाओं पर अत्यंत गहरा एवं बहुआयामी रहा है। एक ओर आधुनिक शिक्षा, सूचना-प्रौद्योगिकी, रोजगार और वैश्विक संपर्क के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक विघटन, पहचान संकट, पारंपरिक आजीविका का ह्रास तथा सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएँ भी उभरकर सामने आई हैं। यह शोध-पत्र आदिवासी युवाओं पर वैश्वीकरण एवं आधुनिकता के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक प्रभावों का विश्लेषण करता है तथा संतुलित विकास हेतु नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करता है। मुख्य शब्द (Keywords):आदिवासी युवा, वैश्वीकरण, आधुनिकता, सांस्कृतिक परिवर्तन, सामाजिक परिवर्तन प्रस्तावना (Introduction)- भारत की आदिवासी जनसंख्या देश की सांस्कृतिक विविधता का अभिन्न अंग है। परंपरागत रूप से आदिवासी समाज प्रकृति, सामूहिकता और आत्मनिर्भर जीवन-पद्धति पर आधारित रहा है। किंतु वैश्वीकरण एवं आधुनिकता के प्रसार ने आदिवासी युवाओं की जीवनशैली, सोच, आकांक्षाओं और सामाजिक मूल्यों में तीव्र परिवर्तन ...