गरासिया जनजाति में स्वदेशी ज्ञान प्रणालियां: संरक्षण, प्रलेखन, चुनौतियां एवं समाधान
सारंश (Abstract) भारत की जनजातीय संस्कृतियाँ स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों की समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व करती हैं। गरासिया जनजाति, जो मुख्यतः राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करती है, प्रकृति-आधारित जीवनशैली, पारंपरिक कृषि, औषधीय ज्ञान, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से स्वदेशी ज्ञान का संरक्षण करती आई है। यह शोध पत्र गरासिया जनजाति की स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों का समग्र अध्ययन प्रस्तुत करता है तथा इनके संरक्षण, प्रलेखन से जुड़ी चुनौतियों एवं समाधान पर प्रकाश डालता है। अध्ययन यह प्रतिपादित करता है कि गरासिया जनजाति का पारंपरिक ज्ञान वर्तमान वैश्विक समस्याओं-जैसे जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता क्षरण एवं स्वास्थ्य संकट के सर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कीवर्ड - गरासिया जनजाति, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियांः संरक्षण, प्रखेलन चुनौतियां, समाधान भूमिका- भारत की जनजातीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है। इन जनजातियों द्वारा विकसित स्वदेशी ज्ञान प्रणालियां (Indigenous Knowledge Systems - IKS) प...