संदेश

नवंबर 20, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जनजाति क्षेत्र वागड़ में शिक्षा एवं शासकीय प्रयास

चित्र
      दक्षिणी राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में भील, मीणा, गरासिया और डामोर जनजातियां निवास करती है। भील बहुसंख्यक बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिला जनजाति उपयोजना क्षेत्र (Tribal Sub-Plan Area) घोषित है। लगभग 30 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाला वागड़ का विशाल क्षेत्र 23°1 से 24°24 पूर्वी देशांतरों के मध्य स्थित है। इसके उत्तर में उदयपुर, पूर्व में मध्यप्रदेश तथा दक्षिण पश्चिम में गुजरात राज्य की सीमाएं लगी हुई है। इसका क्षेत्रफल करीब 4000 वर्ग मील तथा राजस्थान की कुल जनजातियों की 25.46 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।      इस प्रदेश का वागड़ नाम करीब एक सहस्त्राब्दी से प्रचलित पाया जाता है। पुराने शिलालेखों, ताम्रपत्रों, जीवन चरितो तथा अन्य प्रणालियों आदि में इसका उल्लेख प्राप्य है। संस्कृत, प्राकृत तथा अपभ्रंश भाषाओं के विद्वानों ने इस वागड़, वागड, व्यागड़ एवं वाग्वार  आदि शब्दों से सम्बोधित किया है। प्राचीन वागड़ क्षेत्र में वर्तमान डूंगरपुर और बांसवाड़ा के राज्यों तथा मेवाड़ राज्य का कुछ दक्षिणी भाग अर्थात् छप्पन नामक प्रदेश का समावेश होता था।      शिक्ष...