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दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी समाज में विवाह की अनूठी परम्परा -"नोतरा प्रथा" गांव वाले एवं रिश्तेदार करते है मदद

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    दक्षिणी राजस्थान का आदिवासी समाज सामुदायिक भावना, सामूहिक जीवन और सामूहिक उत्सव एवं परम्पराओं को मनाने के लिए राजस्थान ही नहीं पुरे देश में प्रसिद्ध है। भील समुदाय की सामुदायिक भावना सामेला प्रथा,नोतरा प्रथा विश्वप्रसिद्ध है। दक्षिणी राजस्थान का आदिवासी समुदाय सुख-दुःख, शादी-ब्याह, मौत-मरण, और पारस्परिक सहयोग और सामाजिक एकता के लिए प्रसिद्ध है। जनजातीय समाज में विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों और पुरे समुदाय का उत्सव होता है। इस विवाह प्रकिया में " आर्थिक सहयोग की परम्परा" एक अनूठी सामाजिक प्रथा है जो गरीब आदिवासी परिवार अपने बच्चों की शादी नोतरा प्रथा से ही  करा पाते है। शादी का खर्च उठा पाते हैं।       दक्षिणी राजस्थान की अनूठी परम्परा है नोतरा प्रथा   यह आदिवासी अंचलों में परस्पर सहयोग की एक ऐसी परम्परा जीवित है जो पूरी तरह विश्वास और सामूहिक भागीदारी पर टिकी है। नोतरा प्रथा से सिर्फ शादी ही नहीं बल्कि अन्य आवश्यकताओं को भी सामुदायिक सहयोग से पूरा किया जाता है नोतरा प्रथा -  नोतरा प्रथा एक सामुदायिक...